
कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-28 पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नगर पंचायत सुकरौली नहर के पास स्थित ऑटो स्टैंड के समीप तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सवारी से भरे ऑटो को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क पर पलट गया। हादसे में कुल आठ लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाटा से सोनबरसा की ओर जा रहा ऑटो नगर पंचायत सुकरौली नहर के पास सवारियां बैठाने के लिए रुका हुआ था। इसी दौरान पीछे से आ रही मुर्गा लदी तेज रफ्तार पिकअप के चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और ऑटो में टक्कर मार दी। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।
टक्कर के बाद ऑटो पलट गया, जिससे कई यात्री उसके नीचे दब गए, जबकि कुछ यात्री उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हो गया।
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पलटे ऑटो को सीधा किया और घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को निजी वाहनों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तीन घायलों की हालत गंभीर बताई।
गंभीर रूप से घायल करमैनी निवासी गीता देवी (35), हाटा निवासी सलीम (25) और रुकसाना (40) का इलाज जारी है। गीता देवी की हालत नाजुक होने पर उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके अलावा सड़क किनारे से गुजर रहे पिपरा लालमन निवासी धुप (40) भी हादसे में घायल हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत सुकरौली का ऑटो स्टैंड सीधे नेशनल हाईवे-28 पर संचालित हो रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
हाटा कोतवाली प्रभारी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और ऑटो स्टैंड की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है। वहीं, सुकरौली नगर पंचायत अध्यक्ष राजनेति कश्यप ने माना कि हाईवे पर ऑटो खड़ा करना गलत है। उन्होंने स्वीकार किया कि नगर पंचायत क्षेत्र में फिलहाल ऑटो स्टैंड की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, जिसे जल्द ही सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑटो स्टैंड को तत्काल हाईवे से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। आज का यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।










